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Saturday, November 23, 2013

लुब्धक तारा (Sirius Stars)

मृग नक्षत्र की सीध में सिरिअस
लुब्धक तारा जिसे सामायतः सिरिअस तारे के नाम से जाना जाता है, आकाश में सबसे चमकदार दिखने वाला तारा है. यह सूर्य के सबसे समीप के तारों में से एक है जिसकी दूरी लगभग ९ प्रकाशवर्ष है. रात्रि में अगर आप मृग (ओरियन) नक्षत्र के मध्य (कालपुरुष या शिकारी की बेल्ट के रूप में पहचाने वाले तीन तारों का समूह) के तारों की सीध में देखें तो आप इसे आसानी से खोज सकते हैं. यह सूर्य की तुलना में एक दीप्तमान तारा है तथा सूर्य से दोगुना भारी है. 

लुब्धक तारा एक अकेला तारा ना होकर एक युग्म तारा (दो तारों का समूह) है, इसमें प्रमुख चमकदार तारा सिरिअस ए है जबकि दूसरा तारा सिरिअस बी एक श्वेत वामन तारा है. यह श्वेत वामन तारा सूर्य के बराबर द्रव्यमान रखता है. यह दोनों तारे एक दुसरे की परिक्रमा ५० वर्षों में करते हैं. इस युग्म तारा प्रणाली में श्वेत वामन तारे के होने का अर्थ यह है कि यह तारा युग्म हमेशा ऐसा नहीं रहा होगा. किसी समय भूतकाल में श्व्वेत वामन तारा लाल महादानव तारे के रूप में रहा होगा. इसके प्रमाण है कि सिरिअस बी का लाल महादानव तारे से श्वेत वामन तारे में रूपांतरण पिछले कुछ हजार सालों में हुआ होगा. अनेक प्राचीन कथाओं और अन्वेषकों के रिकॉर्ड के अनुसार सिरिअस भूतकाल में लाल आभा के साथ चमकता दिखाई देता था जो की सिरिअस बी की श्वेत वामन तारे के रूप में होती हुयी मृत्यु की अंतिम लाल चमक थी.

इस तारे का नाम सिरिअस ग्रीक मिथकों के अनुसार रखा गया है. इसे श्वान तारा भी कहा जाता है. इस तारे ने मिस्र की सभ्यता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसके उदय होने का काल नील नदी की बाढ़ के समय से मेल खाता है जिससे किसानों को विशेष सहायता थी क्योंकि नील नदी की बाढ़ पर मिस्र का कृषि चक्र निर्भर था.