Showing posts with label Pluto. Show all posts
Showing posts with label Pluto. Show all posts

Sunday, January 29, 2017

प्लूटो के पाँच चन्द्रमा या उपग्रह

किसी समय सौर-परिवार में नौवे ग्रह के पद पर सुशोभित प्लूटो, भले ही अपनी ग्रह का पद खो चूका हो. परन्तु एक बौने या वामन ग्रह (Dwarf Planet) के रूप में इसका स्थान सबसे अलग है. प्लूटो आकार में हमारे चन्द्रमा से भी छोटा है, परन्तु इसके पास अपने एक या दो नहीं बल्कि पूरे पाँच चंद्रमाएं या उपग्रह हैं जो इसकी परिक्रमा करते रहते  हैं.



आज प्लूटो के इन चंद्रमाओं के बारे में, अपने ग्रह से दूरी के क्रम में, थोड़ा जानते हैं – 

शेरोन (Charon)
प्लूटो का सबसे आंतरिक या नजदीकी और सबसे बड़ा उपग्रह है – शेरोन (Charon). शेरोन की खोज जेम्स क्रिस्टी ने 22 जून 1978 में की थी. इस उपग्रह की खोज के बाद प्लूटो के बारे में धारणाएं बदलती चली गयी क्यूंकि उपग्रह की खोज के बाद की गयी नयी गणनाओं से पता चला की प्लूटो अपने अनुमानित आकार से काफी छोटा है.  शेरोन व्यास में प्लूटो के आधे से भी अधिक है और अपने ग्रह के साथ टाइडली लॉक्ड है, जिसके कारण दोनों के एक ही भाग हमेशा एक-दुसरे की ओर होता है. इनके बीच समानताओ की वजह से कई अन्तरिक्ष विज्ञानी इन्हें द्वितीयक ग्रह प्रणाली (Binary Planets) भी मानते हैं. पर अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान संघ में इस बारे में एकमत न होने की वजह से इसे प्लूटो का उपग्रह ही माना जाता है. 



स्टाईक्स (Styx) – 
स्टाईक्स, प्लूटो से दूरी के क्रम में दूसरा उपग्रह है, परन्तु इसकी खोज सबसे अंत 11 जुलाई 2012 में की गयी थी. 



निक्स (Nix) – 
निक्स दूरी के क्रम में प्लूटो का तीसरे क्रम का उपग्रह है. यह प्लूटो के बाह्य परिक्षेत्र में परिक्रमा करता है.  इसकी खोज प्लूटो के सबसे दूर स्थित चन्द्रमा, हाईड्रा के साथ हबल स्पेस टेलिस्कोप की मदद से जून 2005 में की गयी थी. 





कर्बेरोस (Kerberos)
कर्बेरोस, प्लूटो का छोटा सा उपग्रह है जो की अधिकतम 12km चौड़ा है. खोज के क्रम में इसकी खोज चौथे स्थान पर हुयी थी. वैसे अपने ग्रह से दूरी के अनुसार भी इसका क्रम चौथा ही है. इसकी खोज की विधिवत घोषणा 20 जुलाई 2011 में हुयी थी. इसकी खोज प्लूटो कम्पैनियन सर्च टीम ने हबल स्पेस टेलिस्कोप की मदद से की थी.


हाईड्रा (Hydra)
हाईड्रा, प्लूटो का सबसे बाहरी ज्ञात उपग्रह है. इसकी खोज निक्स के साथ जून 2005 में की गयी थी. इसकी सतह संभवतः जलीय बर्फ से ढंकी हुयी है. 






न्यू होराइजन्स (New Horizons) ने अपने जुलाई 2015 फ्लाई-बाई के समय प्लूटो की सबसे नजदीकी तस्वीरों के साथ उसके चंद्रमाओं की भी तसवीरें ली थी. 

Thursday, July 9, 2015

सबसे तेज अन्तरिक्ष यान प्लूटो के बेहद पास (New Horizons Spacecraft near Pluto)

अन्तरिक्ष विज्ञान के इतिहास में अब तक का सबसे तेज अंतरिक्षयान अपनी यात्रा में 14 जुलाई को प्लूटो के बेहद नजदीक पहुच चूका होगा तब हमें इस क्षुद्र ग्रह की बेहद शानदार तस्वीरों के साथ अनेक रहस्य खोलने वाली जानकारियाँ भी प्राप्त होंगी. 

अमेरिकी अन्तरिक्ष केंद्र नासा का 2006 में अपनी यात्रा पर रवाना हुआ न्यू होराइजन्स (New Horizons) अन्तरिक्ष यान अब तक का सबसे तेज अन्तरिक्ष यान है जो प्लूटोनियम की शक्ति से प्रति दिन लगभग 10 लाख मील का सफ़र तय कर रहा है. सौर मंडल की अपनी यात्रा में अभी यह प्लूटो और उसके पांच उपग्रहों का अध्ययन कर रहा है. इसी कड़ी में 7 जुलाई 2015 को इसने प्लूटो की बेहद शानदार तसवीर भेजी है जब वह प्लूटो से लगभग पचास लाख मील दूर था. इस चित्र में एक बड़ा भाग चमकीला नजर आ रहा है जो दिल के सामान लग रहा है. वैज्ञानिकों ने इस भाग का क्षेत्रफल लगभग 1200 मील अनुमानित किया है. इसी के बगल में एक गहरा भाग भी नजर आ रहा है जो कि ‘द व्हेल’ के नाम से पुकारा जाता है. 

वैसे यह अन्तरिक्ष यान जब प्लूटो से अपनी निकटतम दूरी पर होगा तब वैज्ञानिकों को इससे 500 गुने ज्यादा बेहतर तस्वीरों की आशा है. तब यह अन्तरिक्ष यान प्लूटो की सतह से केवल 7800 मील दूर होगा. अभी सौ साल भी नहीं हुए जब हम चाँद तक जाने का सोच भी नहीं सकते है और आज हम सौर मंडल के इस दूरस्थ सदस्य के इतने नजदीक पहुच चुके हैं. विज्ञान और मानव की असीमित सम्भावंनाओं का यह एक बेहतरीन उदाहरण है. इतने पास से यह अन्तरिक्ष यान कितने रहस्यों से पर्दा उठता है और कितनी जानकारियाँ प्रदान करता है, यह जल्द ही पता चल जाएगा, वैसे वैज्ञानिक मुख्य रूप से इसके वातावरण का अध्ययन करना चाहते हैं जिसमे हमारे ग्रह की तरह नाइट्रोजन की बहुलता है. 

Wednesday, April 15, 2015

न्यू होराइजन्स स्पेसक्राफ्ट - प्लूटो की ओर

न्यू होराइजन्स स्पेसक्राफ्ट
नासा (NASA) ने हाल ही में न्यू होराइजन्स स्पेसक्राफ्ट (New Horizons Spacecraft) से प्लूटो की खिंची गयी पहली रंगीन तस्वीर जारी की है. ऊपर के चित्र को देखने पर कुछ ख़ास नहीं नजर आता है परन्तु नासा के अनुसार ये इस साल के सबसे महत्वपूर्ण अन्तरिक्ष अन्वेषणों में से एक की झलक है. चित्र में प्लूटो केवल दो छोटे बिन्दुओं के रूप में नजर आ रहा है.  

न्यू होराइजन्स स्पेसक्राफ्ट इस वर्ष जुलाई में इस क्षुद्र ग्रह (अब प्लूटो मुख्य ग्रहों में शामिल नहीं है) के पास से गुजरेगा. इस चित्र में प्लूटो केवल दो छोटे बिन्दुओं के रूप में नजर आ रहा है और नासा इसे ही लक्षित करेगा. जब यह वाकई में प्लूटो के पास पहुचेगा तो ऐसा पहली बार होगा कि हमें इस क्षुद्र ग्रह की इतने करीब से ली गयी तसवीरें नजर आएँगी क्योंकि अब तक इस क्षुद्र ग्रह के बारे में जो भी जानकारियाँ हैं वो केवल दूरस्थ निरीक्षणों के आधार पर प्राप्त हुए हैं. यह अन्तरिक्ष यान इस ग्रह के बारे में और अधिक जानकारियाँ जुटाने का प्रयास भी करेगा. नासा के वैज्ञानिक इस मुलाक़ात के लिए रोमांचित हैं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि यह अन्वेषण आश्चर्यजनक नवीन खोजों से सबको रोमांचित करेगा. प्लूटो के साथ यह इसके अब तक ज्ञात पाँच चंद्रमाओं के बारे में भी अध्ययन करेगा और बहुत संभव है कि हमें इसके और चंद्रमाओं का पता चल सके. इस कार्य हेतु इसमें कुल सात वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए हैं. 

इस सुदूर क्षुद्र ग्रह के पश्चात् न्यू होराइजन्स सौर मंडल में और आगे बढकर नए क्षुद्र ग्रहों और प्लूटो के चारों ओर स्थित चट्टानों का भी अध्ययन जारी रखेगा.