![]() |
चन्द्रमा का अग्र भाग (गैलिलियो द्वारा) और पृष्ठ भाग (अपोलो 16 द्वारा) प्रेषित |
किसी भी उपग्रह की दो प्रकार की गतियाँ होती हैं –
- उसकी वह गति जिसमे वह अपने परिक्रमा पथ में अपने ग्रह के चारों ओर एक चक्कर लगता है, इसे परिक्रमण गति कहा जाता है, और लगने वाले समय को परिक्रमण काल.
- दूसरी वह गति जिसमे वह अपने अक्ष पर किसी लट्टू की तरह घूमता है. इस गति को घूर्णन गति और कस काल को घूर्णन काल कहते हैं.
No comments:
Post a Comment
इस लेख और ब्लॉग के सम्बन्ध में आपके मूल्यवान विचारों का स्वागत है -
----------------------------------------------------------------------------------------------