Friday, January 15, 2016

मकर संक्रांति क्या है? What is Makar Sankranti?


भारत में प्रतिवर्ष मकर संक्रांति का पर्व १४ जनवरी (कभी-कभी 15 जनवरी, जैसा कि इस वर्ष भी है) को विभिन्न हिस्सों में बड़ी धूमधाम से अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. पर यह मकर संक्रांति वाकई है क्या और इसका क्या वैज्ञानिक महत्व है?

मकर संक्रांति, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का सूचक है. पौष के माह में सूर्य धनु राशि का त्याग कर मकर राशि (capricor  ) में प्रवेश करता है. इस दिन से सूर्य की दक्षिणायन गति के स्थान पर उत्तरायन गति प्रारंभ होती है. यहाँ उत्तरायन का अर्थ मकर राशि से कर्क राशि में प्रवेश के बीच के छः माह से है जब सूर्य ठीक पूर्व से ना निकलकर थोडा उत्तर से निकलता है. शेष छः माहों को दक्षिण गति कहा जाता है क्योंकि इन माहों में सूर्य थोडा दक्षिणावर्त होकर निकलता है.

यह दिन भारत में वसंत ऋतू के आगमन का सूचक भी माना जाता है. यह दिन किसानों के लिए नयी फसल की ख़ुशी से भी जुड़ा हुआ माना जाता है. मकर संक्रांति उन कुछ चुनिन्दा त्यौहारों में से हैं जो लगभग एक नियत तिथि में प्रतिवर्ष आते हैं. वैसे गणना के अनुसार अब से यह त्यौहार १४ जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी को प्रतिवर्ष आएगा. कई हजारों साल पहले यह ३१ दिसम्बर को पड़ता रहा था.

इस दिन को कृषि उत्सव के अतिरिक्त मकर संक्रांति हिन्दू धर्म में शुभ या मांगलिक पक्ष की शुरुआत भी माना जाता है. मकर संक्रांति के साथ दिसम्बर के मध्य से शुरू हुए अशुभ दशों का अंत हो जाता है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस तिथि से गर्म और लम्बे दिनों की शुरुआत हो जाती है. संक्राति एक तरह से शीत ऋतू की समाप्ति और नयी फसलो या वसंत ऋतु का प्रारंभ होता है.  
देश के अलग-अलग हिस्सों तथा समुदायों में यह त्यौहार अलग नामों और तरीकों से मनाया जाता है. सूर्य देव को समर्पित इस दिन कई जगह पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती है. 

1 comment:

  1. भविष्य में मकर संक्रांति की तिथि और आगे बढ़ने की सम्भावना है या फिर घटने की सम्भावना है ? याने यह आगे चलकर फरवरी माह में आएगी ? या फिर यह तिथि पुनः दिसंबर माह की ओर अग्रसर होगी ? और साथ ही इसके पीछे के कारण स्पष्ट कीजियेगा। ताकि एक पूर्ण व्यवस्था दिमागी चित्रण बना सके। शुक्रिया..

    ReplyDelete

इस लेख और ब्लॉग के सम्बन्ध में आपके मूल्यवान विचारों का स्वागत है -
----------------------------------------------------------------------------------------------